

डीडवाना-कुचामन जिले में राज्य सरकार के निर्देशानुसार जन कल्याण शिविरों के अंतर्गत जिले में आयोजित किये जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए राहत का केंद्र बन रहे हैं।
इसी क्रम में जिले की मकराना तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ईटावा लाखा के गिगालिया गांव में रहने वाले 70 वर्षीय श्री कानाराम के पास अपने ही रहने वाले रहवासी मकान का कोई वैध सरकारी पट्टा नहीं था। कानूनी दस्तावेज़ न होने के कारण वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे।
ग्रामीण सेवा शिविर बना मददगार
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं के निस्तारण और राहत के लिए “ग्रामीण सेवा शिविर” का आयोजन किया गया। श्री कानाराम को जब इस शिविर की जानकारी मिली, तो वे अपनी उम्मीद लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने शिविर में मौजूद अधिकारियों के सामने अपने पुश्तैनी मकान के पट्टे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
आवेदन प्राप्त होते ही ग्राम पंचायत प्रशासन और शिविर के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। मौके पर ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए ग्राम पंचायत द्वारा तुरंत जांच की गई। जांच सही पाए जाने पर प्रशासन ने बिना किसी देरी के श्री कानाराम के मकान का सरकारी पट्टा तैयार कर दिया। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ के अंतर्गत उन्हें ग्राम पंचायत द्वारा उनकी पुश्तैनी आबादी भूमि का ‘स्वामित्व कार्ड’ भी प्रदान किया गया। इस कार्ड के मिलते ही उन्हें अपनी जमीन और मकान का असली मालिकाना हक मिल गया।
स्वामित्व कार्ड मिलने से अब वे भविष्य में कई तरह की सरकारी योजनाओं और बैंक लोन आदि का लाभ आसानी से उठा सकेंगे तथा इस त्वरित राहत से उनके पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताया।











